🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 238

The Book of Childhood · Entry 238 of 760 · type: चौपाई

जदपि जोषिता नहिं अधिकारी। दासी मन क्रम बचन तुम्हारी।। गूढ़उ तत्व न साधु दुरावहिं। आरत अधिकारी जहँ पावहिं।। अति आरति पूछउँ सुरराया। रघुपति कथा कहहु करि दाया।। प्रथम सो कारन कहहु बिचारी। निर्गुन ब्रह्म सगुन बपु धारी।। पुनि प्रभु कहहु राम अवतारा। बालचरित पुनि कहहु उदारा।। कहहु जथा जानकी बिबाहीं। राज तजा सो दूषन काहीं।। बन बसि कीन्हे चरित अपारा। कहहु नाथ जिमि रावन मारा।। राज बैठि कीन्हीं बहु लीला। सकल कहहु संकर सुखलीला।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 238 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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