🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 228

The Book of Childhood · Entry 228 of 760 · type: चौपाई

मैं जाना तुम्हार गुन सीला। कहउँ सुनहु अब रघुपति लीला।। सुनु मुनि आजु समागम तोरें। कहि न जाइ जस सुखु मन मोरें।। राम चरित अति अमित मुनिसा। कहि न सकहिं सत कोटि अहीसा।। तदपि जथाश्रुत कहउँ बखानी। सुमिरि गिरापति प्रभु धनुपानी।। सारद दारुनारि सम स्वामी। रामु सूत्रधर अंतरजामी।। जेहि पर कृपा करहिं जनु जानी। कबि उर अजिर नचावहिं बानी।। प्रनवउँ सोइ कृपाल रघुनाथा। बरनउँ बिसद तासु गुन गाथा।। परम रम्य गिरिबरु कैलासू। सदा जहाँ सिव उमा निवासू।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 228 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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