🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 199

The Book of Childhood · Entry 199 of 760 · type: चौपाई

नगर निकट बरात सुनि आई। पुर खरभरु सोभा अधिकाई।। करि बनाव सजि बाहन नाना। चले लेन सादर अगवाना।। हियँ हरषे सुर सेन निहारी। हरिहि देखि अति भए सुखारी।। सिव समाज जब देखन लागे। बिडरि चले बाहन सब भागे।। धरि धीरजु तहँ रहे सयाने। बालक सब लै जीव पराने।। गएँ भवन पूछहिं पितु माता। कहहिं बचन भय कंपित गाता।। कहिअ काह कहि जाइ न बाता। जम कर धार किधौं बरिआता।। बरु बौराह बसहँ असवारा। ब्याल कपाल बिभूषन छारा।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 199 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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