🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 196

The Book of Childhood · Entry 196 of 760 · type: चौपाई

जस दूलहु तसि बनी बराता। कौतुक बिबिध होहिं मग जाता।। इहाँ हिमाचल रचेउ बिताना। अति बिचित्र नहिं जाइ बखाना।। सैल सकल जहँ लगि जग माहीं। लघु बिसाल नहिं बरनि सिराहीं।। बन सागर सब नदीं तलावा। हिमगिरि सब कहुँ नेवत पठावा।। कामरूप सुंदर तन धारी। सहित समाज सहित बर नारी।। गए सकल तुहिनाचल गेहा। गावहिं मंगल सहित सनेहा।। प्रथमहिं गिरि बहु गृह सँवराए। जथाजोगु तहँ तहँ सब छाए।। पुर सोभा अवलोकि सुहाई। लागइ लघु बिरंचि निपुनाई।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 196 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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