🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 193

The Book of Childhood · Entry 193 of 760 · type: चौपाई

बर अनुहारि बरात न भाई। हँसी करैहहु पर पुर जाई।। बिष्नु बचन सुनि सुर मुसकाने। निज निज सेन सहित बिलगाने।। मनहीं मन महेसु मुसुकाहीं। हरि के बिंग्य बचन नहिं जाहीं।। अति प्रिय बचन सुनत प्रिय केरे। भृंगिहि प्रेरि सकल गन टेरे।। सिव अनुसासन सुनि सब आए। प्रभु पद जलज सीस तिन्ह नाए।। नाना बाहन नाना बेषा। बिहसे सिव समाज निज देखा।। कोउ मुखहीन बिपुल मुख काहू। बिनु पद कर कोउ बहु पद बाहू।। बिपुल नयन कोउ नयन बिहीना। रिष्टपुष्ट कोउ अति तनखीना।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 193 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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