🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 174

The Book of Childhood · Entry 174 of 760 · type: चौपाई

सब के हृदयँ मदन अभिलाषा। लता निहारि नवहिं तरु साखा।। नदीं उमगि अंबुधि कहुँ धाई। संगम करहिं तलाव तलाई।। जहँ असि दसा जड़न्ह कै बरनी। को कहि सकइ सचेतन करनी।। पसु पच्छी नभ जल थलचारी। भए कामबस समय बिसारी।। मदन अंध ब्याकुल सब लोका। निसि दिनु नहिं अवलोकहिं कोका।। देव दनुज नर किंनर ब्याला। प्रेत पिसाच भूत बेताला।। इन्ह कै दसा न कहेउँ बखानी। सदा काम के चेरे जानी।। सिद्ध बिरक्त महामुनि जोगी। तेपि कामबस भए बियोगी।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 174 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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