🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 159

The Book of Childhood · Entry 159 of 760 · type: चौपाई

रिषिन्ह गौरि देखी तहँ कैसी। मूरतिमंत तपस्या जैसी।। बोले मुनि सुनु सैलकुमारी। करहु कवन कारन तपु भारी।। केहि अवराधहु का तुम्ह चहहू। हम सन सत्य मरमु किन कहहू।। कहत बचत मनु अति सकुचाई। हँसिहहु सुनि हमारि जड़ताई।। मनु हठ परा न सुनइ सिखावा। चहत बारि पर भीति उठावा।। नारद कहा सत्य सोइ जाना। बिनु पंखन्ह हम चहहिं उड़ाना।। देखहु मुनि अबिबेकु हमारा। चाहिअ सदा सिवहि भरतारा।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 159 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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