🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 113

The Book of Childhood · Entry 113 of 760 · type: चौपाई

देखे जहँ तहँ रघुपति जेते। सक्तिन्ह सहित सकल सुर तेते।। जीव चराचर जो संसारा। देखे सकल अनेक प्रकारा।। पूजहिं प्रभुहि देव बहु बेषा। राम रूप दूसर नहिं देखा।। अवलोके रघुपति बहुतेरे। सीता सहित न बेष घनेरे।। सोइ रघुबर सोइ लछिमनु सीता। देखि सती अति भई सभीता।। हृदय कंप तन सुधि कछु नाहीं। नयन मूदि बैठीं मग माहीं।। बहुरि बिलोकेउ नयन उघारी। कछु न दीख तहँ दच्छकुमारी।। पुनि पुनि नाइ राम पद सीसा। चलीं तहाँ जहँ रहे गिरीसा।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 113 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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