🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 98

The Book of Ayodhyā · Entry 98 of 664 · type: चौपाई

का सुनाइ बिधि काह सुनावा। का देखाइ चह काह देखावा।। एक कहहिं भल भूप न कीन्हा। बरु बिचारि नहिं कुमतिहि दीन्हा।। जो हठि भयउ सकल दुख भाजनु। अबला बिबस ग्यानु गुनु गा जनु।। एक धरम परमिति पहिचाने। नृपहि दोसु नहिं देहिं सयाने।। सिबि दधीचि हरिचंद कहानी। एक एक सन कहहिं बखानी।। एक भरत कर संमत कहहीं। एक उदास भायँ सुनि रहहीं।। कान मूदि कर रद गहि जीहा। एक कहहिं यह बात अलीहा।। सुकृत जाहिं अस कहत तुम्हारे। रामु भरत कहुँ प्रानपिआरे।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 98 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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