🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 68

The Book of Ayodhyā · Entry 68 of 664 · type: चौपाई

जिऐ मीन बरू बारि बिहीना। मनि बिनु फनिकु जिऐ दुख दीना।। कहउँ सुभाउ न छलु मन माहीं। जीवनु मोर राम बिनु नाहीं।। समुझि देखु जियँ प्रिया प्रबीना। जीवनु राम दरस आधीना।। सुनि म्रदु बचन कुमति अति जरई। मनहुँ अनल आहुति घृत परई।। कहइ करहु किन कोटि उपाया। इहाँ न लागिहि राउरि माया।। देहु कि लेहु अजसु करि नाहीं। मोहि न बहुत प्रपंच सोहाहीं। रामु साधु तुम्ह साधु सयाने। राममातु भलि सब पहिचाने।। जस कौसिलाँ मोर भल ताका। तस फलु उन्हहि देउँ करि साका।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 68 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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