🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 308

The Book of Ayodhyā · Entry 308 of 664 · type: चौपाई

केवट कीन्हि बहुत सेवकाई। सो जामिनि सिंगरौर गवाँई।। होत प्रात बट छीरु मगावा। जटा मुकुट निज सीस बनावा।। राम सखाँ तब नाव मगाई। प्रिया चढ़ाइ चढ़े रघुराई।। लखन बान धनु धरे बनाई। आपु चढ़े प्रभु आयसु पाई।। बिकल बिलोकि मोहि रघुबीरा। बोले मधुर बचन धरि धीरा।। तात प्रनामु तात सन कहेहु। बार बार पद पंकज गहेहू।। करबि पायँ परि बिनय बहोरी। तात करिअ जनि चिंता मोरी।। बन मग मंगल कुसल हमारें। कृपा अनुग्रह पुन्य तुम्हारें।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 308 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷