🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 286

The Book of Ayodhyā · Entry 286 of 664 · type: चौपाई

राम संग सिय रहति सुखारी। पुर परिजन गृह सुरति बिसारी।। छिनु छिनु पिय बिधु बदनु निहारी। प्रमुदित मनहुँ चकोरकुमारी।। नाह नेहु नित बढ़त बिलोकी। हरषित रहति दिवस जिमि कोकी।। सिय मनु राम चरन अनुरागा। अवध सहस सम बनु प्रिय लागा।। परनकुटी प्रिय प्रियतम संगा। प्रिय परिवारु कुरंग बिहंगा।। सासु ससुर सम मुनितिय मुनिबर। असनु अमिअ सम कंद मूल फर।। नाथ साथ साँथरी सुहाई। मयन सयन सय सम सुखदाई।। लोकप होहिं बिलोकत जासू। तेहि कि मोहि सक बिषय बिलासू।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 286 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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