🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 264

The Book of Ayodhyā · Entry 264 of 664 · type: चौपाई

प्रभु प्रसाद सुचि सुभग सुबासा। सादर जासु लहइ नित नासा।। तुम्हहि निबेदित भोजन करहीं। प्रभु प्रसाद पट भूषन धरहीं।। सीस नवहिं सुर गुरु द्विज देखी। प्रीति सहित करि बिनय बिसेषी।। कर नित करहिं राम पद पूजा। राम भरोस हृदयँ नहि दूजा।। चरन राम तीरथ चलि जाहीं। राम बसहु तिन्ह के मन माहीं।। मंत्रराजु नित जपहिं तुम्हारा। पूजहिं तुम्हहि सहित परिवारा।। तरपन होम करहिं बिधि नाना। बिप्र जेवाँइ देहिं बहु दाना।। तुम्ह तें अधिक गुरहि जियँ जानी। सकल भायँ सेवहिं सनमानी।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 264 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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