🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 245

The Book of Ayodhyā · Entry 245 of 664 · type: चौपाई

जौं ए कंद मूल फल खाहीं। बादि सुधादि असन जग माहीं।। एक कहहिं ए सहज सुहाए। आपु प्रगट भए बिधि न बनाए।। जहँ लगि बेद कही बिधि करनी। श्रवन नयन मन गोचर बरनी।। देखहु खोजि भुअन दस चारी। कहँ अस पुरुष कहाँ असि नारी।। इन्हहि देखि बिधि मनु अनुरागा। पटतर जोग बनावै लागा।। कीन्ह बहुत श्रम ऐक न आए। तेहिं इरिषा बन आनि दुराए।। एक कहहिं हम बहुत न जानहिं। आपुहि परम धन्य करि मानहिं।। ते पुनि पुन्यपुंज हम लेखे। जे देखहिं देखिहहिं जिन्ह देखे।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 245 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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