🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 23

The Book of Ayodhyā · Entry 23 of 664 · type: चौपाई

बाजहिं बाजने बिबिध बिधाना। पुर प्रमोदु नहिं जाइ बखाना।। भरत आगमनु सकल मनावहिं। आवहुँ बेगि नयन फलु पावहिं।। हाट बाट घर गलीं अथाई। कहहिं परसपर लोग लोगाई।। कालि लगन भलि केतिक बारा। पूजिहि बिधि अभिलाषु हमारा।। कनक सिंघासन सीय समेता। बैठहिं रामु होइ चित चेता।। सकल कहहिं कब होइहि काली। बिघन मनावहिं देव कुचाली।। तिन्हहि सोहाइ न अवध बधावा। चोरहि चंदिनि राति न भावा।। सारद बोलि बिनय सुर करहीं। बारहिं बार पाय लै परहीं।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 23 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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