🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 192

The Book of Ayodhyā · Entry 192 of 664 · type: चौपाई

सखा समुझि अस परिहरि मोहु। सिय रघुबीर चरन रत होहू।। कहत राम गुन भा भिनुसारा। जागे जग मंगल सुखदारा।। सकल सोच करि राम नहावा। सुचि सुजान बट छीर मगावा।। अनुज सहित सिर जटा बनाए। देखि सुमंत्र नयन जल छाए।। हृदयँ दाहु अति बदन मलीना। कह कर जोरि बचन अति दीना।। नाथ कहेउ अस कोसलनाथा। लै रथु जाहु राम कें साथा।। बनु देखाइ सुरसरि अन्हवाई। आनेहु फेरि बेगि दोउ भाई।। लखनु रामु सिय आनेहु फेरी। संसय सकल सँकोच निबेरी।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 192 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷