🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 135

The Book of Ayodhyā · Entry 135 of 664 · type: चौपाई

बनदेवीं बनदेव उदारा। करिहहिं सासु ससुर सम सारा।। कुस किसलय साथरी सुहाई। प्रभु सँग मंजु मनोज तुराई।। कंद मूल फल अमिअ अहारू। अवध सौध सत सरिस पहारू।। छिनु छिनु प्रभु पद कमल बिलोकि। रहिहउँ मुदित दिवस जिमि कोकी।। बन दुख नाथ कहे बहुतेरे। भय बिषाद परिताप घनेरे।। प्रभु बियोग लवलेस समाना। सब मिलि होहिं न कृपानिधाना।। अस जियँ जानि सुजान सिरोमनि। लेइअ संग मोहि छाड़िअ जनि।। बिनती बहुत करौं का स्वामी। करुनामय उर अंतरजामी।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 135 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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