🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 102

The Book of Ayodhyā · Entry 102 of 664 · type: चौपाई

अस बिचारि उर छाड़हु कोहू। सोक कलंक कोठि जनि होहू।। भरतहि अवसि देहु जुबराजू। कानन काह राम कर काजू।। नाहिन रामु राज के भूखे। धरम धुरीन बिषय रस रूखे।। गुर गृह बसहुँ रामु तजि गेहू। नृप सन अस बरु दूसर लेहू।। जौं नहिं लगिहहु कहें हमारे। नहिं लागिहि कछु हाथ तुम्हारे।। जौं परिहास कीन्हि कछु होई। तौ कहि प्रगट जनावहु सोई।। राम सरिस सुत कानन जोगू। काह कहिहि सुनि तुम्ह कहुँ लोगू।। उठहु बेगि सोइ करहु उपाई। जेहि बिधि सोकु कलंकु नसाई।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 102 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷