🪷 ŚB 10.41.38
Sanskrit, transliteration, word meanings, and translation for steady Bhāgavata reading.
Sanskrit
Transliteration
Synonyms
Translation
The washerman’s assistants all dropped their bundles of clothes and fled down the road, scattering in all directions. Lord Kṛṣṇa then took the clothes.
गीता प्रेस, गोरखपुर · पृथक पाठ-साक्षी
Sanskrit and Hindi Witness
इस पाठ-साक्षी का श्लोक-पता वर्तमान ŚB मार्ग से ठीक मिलता है। गीता प्रेस और वर्तमान अंग्रेज़ी पाठ को मिलाया नहीं गया है; दोनों अपने-अपने स्रोत-रूप में साथ पढ़े जा सकते हैं।
ŚB 10.41.38 · गीता प्रेस पाठ
हिन्दी भावार्थ
इसी समय भगवान् श्रीकृष्णने देखा कि एक धोबी, जो कपड़े रँगनेका भी काम करता था, उनकी ओर आ रहा है। भगवान् श्रीकृष्णने उससे धुले हुए उत्तम-उत्तम कपड़े माँगे॥ ३२॥ भगवान्ने कहा—‘भाई! तुम हमें ऐसे वस्त्र दो, जो हमारे शरीरमें पूरे-पूरे आ जायँ। वास्तवमें हमलोग उन वस्त्रोंके अधिकारी हैं। इसमें सन्देह नहीं कि यदि तुम हमलोगोंको वस्त्र दोगे तो तुम्हारा परम कल्याण होगा’॥ ३३॥ परीक्षित्! भगवान् सर्वत्र परिपूर्ण हैं। सब कुछ उन्हींका है। फिर भी उन्होंने इस प्रकार माँगनेकी लीला की। परन्तु वह मूर्ख राजा कंसका सेवक होनेके कारण मतवाला हो रहा था। भगवान्की वस्तु भगवान्को देना तो दूर रहा, उसने क्रोधमें भरकर आक्षेप करते हुए कहा—॥ ३४॥ ‘तुमलोग रहते हो सदा पहाड़ और जंगलोंमें। क्या वहाँ ऐसे ही वस्त्र पहनते हो? तुमलोग बहुत उद्दण्ड हो गये हो तभी तो ऐसी बढ़-बढ़कर बातें करते हो। अब तुम्हें राजाका धन लूटनेकी इच्छा हुई है॥ ३५॥ अरे, मूर्खो! जाओ, भाग जाओ! यदि कुछ दिन जीनेकी इच्छा हो तो फिर इस तरह मत माँगना। राजकर्मचारी तुम्हारे जैसे उच्छृंखलोंको कैद कर लेते हैं, मार डालते हैं और जो कुछ उनके पास होता है, छीन लेते हैं’॥ ३६॥ जब वह धोबी इस प्रकार बहुत कुछ बहक-बहककर बातें करने लगा, तब भगवान् श्रीकृष्णने तनिक कुपित होकर उसे एक तमाचा जमाया और उसका सिर धड़ामसे धड़से नीचे जा गिरा॥ ३७॥ यह देखकर उस धोबीके अधीन काम करनेवाले सब-के-सब कपड़ोंके गट्ठर वहीं छोड़कर इधर-उधर भाग गये। भगवान्ने उन वस्त्रोंको ले लिया॥ ३८॥
स्रोत-खंड सीमा · यह हिन्दी अंश गीता प्रेस डिजिटल पाठ में इस दृश्य श्लोक-इकाई के बाद आता है; इसे स्वतः एक-से-एक टीका या संस्करण-समानता नहीं माना गया है।
Source witness details
Sanskrit SHA-256:
b1d783bca53fc7a4ae27c813dcbd4f18040936915655c5168ab84913e5120057Hindi SHA-256:
3b46ff97f913c47630400432480ce41b2914d2baf11c28dc4cade51b7896a1c9Address crosswalk: exact · final textual equivalence: not claimed
Sources and Connected Bhāgavata Readings
After the Sanskrit, word meanings, translation, and reading navigation, these links connect the requested reference with its canonical received passage, parent chapter and skandha, and the wider Bhāgavata corpus without inventing artificial verse boundaries.
🪷 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🪷